स्टेज 2 किडनी रोग क्या है?
स्टेज II किडनी रोग क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) का एक चरण है जिसका चरण ग्लोमेरुलर निस्पंदन दर (जीएफआर) और किडनी क्षति के संकेतकों के आधार पर किया जाता है। इस स्तर पर, गुर्दे की कार्यक्षमता में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन रोगी में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हो सकते हैं, और निदान की पुष्टि के लिए चिकित्सा परीक्षण की आवश्यकता होती है। निम्नलिखित चरण 2 किडनी रोग का विस्तृत विश्लेषण है।
1. चरण II किडनी रोग की परिभाषा और नैदानिक मानदंड

अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, क्रोनिक किडनी रोग को चरण 1-5 में विभाजित किया गया है, और चरण 2 किडनी रोग (सीकेडी चरण 2) के लिए नैदानिक मानदंड इस प्रकार हैं:
| किस्त | जीएफआर (एमएल/मिनट/1.73m²) | गुर्दे की क्षति की अभिव्यक्तियाँ |
|---|---|---|
| सीकेडी चरण 1 | ≥90 | गुर्दे की क्षति (जैसे प्रोटीनूरिया) |
| सीकेडी चरण 2 | 60-89 | गुर्दे की क्षति हो (जैसे कि प्रोटीनुरिया या इमेजिंग असामान्यताएं) |
| सीकेडी चरण 3 | 30-59 | गुर्दे की कार्यक्षमता में मध्यम कमी |
2. स्टेज 2 किडनी रोग के सामान्य लक्षण
स्टेज II किडनी रोग के मरीजों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हो सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों को निम्नलिखित लक्षण अनुभव होंगे:
| लक्षण | विवरण |
|---|---|
| हल्की थकान | गुर्दे के उत्सर्जन कार्य में कमी के कारण विषाक्त पदार्थों का संचय |
| रात्रिचर्या में वृद्धि | मूत्र को केंद्रित करने की किडनी की क्षमता कम हो जाती है |
| पेशाब में झाग बढ़ना | प्रोटीनूरिया की संभावना को दर्शाता है |
3. स्टेज 2 किडनी रोग के कारण और जोखिम कारक
स्टेज 2 किडनी रोग के सामान्य कारणों में शामिल हैं:
| कारण | जोखिम समूह |
|---|---|
| मधुमेह | लंबे समय से खराब रक्त शर्करा नियंत्रण वाले लोग |
| उच्च रक्तचाप | जो मरीज़ नियमित रूप से दवाएँ नहीं लेते हैं |
| क्रोनिक नेफ्रैटिस | ऑटोइम्यून रोग के मरीज़ |
4. स्टेज II किडनी रोग का उपचार और प्रबंधन
शीघ्र हस्तक्षेप से रोग की प्रगति में देरी हो सकती है। मुख्य उपायों में शामिल हैं:
| उपचार की दिशा | विशिष्ट उपाय |
|---|---|
| प्राथमिक रोग पर नियंत्रण रखें | जैसे कि ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कम करना |
| आहार संशोधन | कम नमक, उच्च गुणवत्ता, कम प्रोटीन वाला आहार |
| नियमित निगरानी | हर 3-6 महीने में किडनी की कार्यप्रणाली की जाँच करें |
5. स्टेज 2 किडनी रोग के लिए पूर्वानुमान और सावधानियां
उचित प्रबंधन के साथ, स्टेज II किडनी रोग वाले मरीज़ लंबे समय तक स्थिर रह सकते हैं, लेकिन कृपया ध्यान दें:
1.नेफ्रोटोक्सिक दवाओं से बचें: जैसे कि गैर-स्टेरायडल सूजनरोधी दवाएं और कुछ एंटीबायोटिक्स।
2.धूम्रपान छोड़ें और शराब सीमित करें: रक्त वाहिका क्षति के जोखिम को कम करें।
3.मध्यम व्यायाम: चयापचय में सुधार करें लेकिन अत्यधिक परिश्रम से बचें।
सारांश: स्टेज II किडनी रोग क्रोनिक किडनी रोग का प्रारंभिक चरण है और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मानकीकृत उपचार और जीवनशैली में हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। नियमित शारीरिक परीक्षण और डॉक्टर-रोगी सहयोग महत्वपूर्ण हैं।
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